डिजिटल डेमोक्रेसी

ई-वालन्टियर संकल्पना

यह समुदाय के वह उर्जावान युवा हैं जो अपने समुदाय में डिजिटल साक्षरता के विभिन्न आयामों पर काम कर रहे हैं। इन्होंने पहले खुद इंटरनेट का बेहतर और प्रभावी इस्तेमाल सीखा, अपने काम में लिया और अब वह सामुदायिक परिवर्तन में इंटरनेट टूल्स का उपयोग कर रहे है। आज यह युवा सोशल मीडिया, जीमेल, यूट्यूब और ऐसी ही जानकारियों के भंडार का स्वयं के विकास के लिए उपयोग कर रहे हैं । इसके साथ ही अपने समुदाय की समस्याओं को दूर करने में मदद कर रहे हैं जैसे समग्र आईडी, खसरा—खतौनी, आधार कार्ड या वृद्धावस्था पेंशन या पीडीएस दुकान से राशन की जानकारी अपने मोबाइल फोन से ही निकाल रहे हैं और गांव वालों को अवगत करा रहे हैं। इसमें विभिन्न आवश्यकताओं को संबोधित करने के लिए ऑनलाइन पोर्टल का सही उपयोग भी इसमें शामिल है। मध्यप्रदेश के चार जिलों की चार पंचायतों में आज ऐसे सौ ई वालंटियर युवा डिजिटल डिवाइड को दूर करने में अपना योगदान दे रहे हैं।

परियोजना के अंतर्गत प्रत्येक ज़िले में बेसलाइन सर्वे और सामुदायिक बैठकों के दौरान ई-वालंटियर्स को चिन्हित किया गया इसके बाद एक पंजीयन प्रक्रिया चलाई गई और 25-25 ई-वालंटियर्स का चुनाव किया गया चारों ज़िले के 100 ई-वालंटियर्स परियोजना में पंजीकृत हो कर नियमित प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे है अपने गाँव के विकास में डिजिटल माध्यमों से योगदान दे रहे है

अभी तक के परिणाम इस प्रकार है-

  • ई-वालंटियर्स अपने समुदाय और गाँव/वार्ड में सक्रिय रूप से जरुरी सूचनाओं का आदान-प्रदान कर रहे है
  • ई-दस्तक केंद्र पर आकर ई-वालंटियर्स सरकारी वेब पोर्टल से स्वयं और समुदाय के हित के लिए विभिन्न सरकारी योजनाओं के जानकारी निकाल कर साँझा कर रहे है
  • सी.एम.हेल्पलाइन 181 की जानकारी देने के साथ ही समुदाय के लोगों की समस्या और सुझाव दर्ज कराने में मदद कर रहे है
  • सुरक्षित वातावरण बनाने के लिए महिला हेल्पलाइन 1090, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और पुलिस हेल्पलाइन 100 की जानकारी लोगों को देते हैं।
  • गाँव/बस्ती के बच्चों की बेहतर शिक्षा हेतु स्टडी मटेरियल ऑनलाइन सर्च करके निकाल लेते हैं।
  • समुदाय के लोगों के साथ-साथ बच्चों की भी समग्र आईडी बनवाने में मदद करते हैं, जिससे उनका स्कूलों में दाखिला हो सके।
  • विभिन्न परीक्षाओं से जुड़े फॉर्म की जानकारी ऑनलाइन सर्च कर जरूरतमंदों से शेयर कर लेते हैं। इससे उनका पैसा बचता है। इसके लिए बार-बार एमपी ऑनलाइन बूथ पर नहीं जाना पड़ता।
  • यू-टूयूब के माध्यम से विभिन्न विषयों पर जैसे जैविक खेती, सिलाई के लिए डिजाईन, बाल काटने का तरीका, मेहन्दी डिजाईन, रंगोली, नए पकवान की विधि, घर की साज-सज्जा, लोक-नृत्य जैसी कई जानकारियाँ और हुनर सीख और सिखा रहे है
  • गूगल मैप का इस्तेमाल करके अपने गाँव/वार्ड के विशिष्ट स्थानों और संसाधनों का डिजिटल दस्तावेजीकरण करके जनहित में साँझा कर रहे है
  • ई-वालंटियर्स ट्विटर पर सक्रिय रूप से ताज़ा जानकारी लेने के साथ-साथ समुदाय के मुद्दे का नेतृत्व करते हुए शासन-प्रशासन के सम्बंधित अधिकारी, विभागों तक पहुँचा कर सरकारी तंत्र को जवाबदेह बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास कर रहे है

ई-वालन्टियर प्रोफाइल