डिजिटल डेमोक्रेसी

डिजिटल डेमोक्रेसी परियोजना की पहल पर पन्ना जिला में बना आदिवासी संगठन

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आज दिनांक 24 अगस्त 2019 को पृथ्वी ट्रस्ट पन्ना में आदिवासी युवा, युवतियों की बैठक का आयोजन किया गया, जिसमे अम्झिरिया, बडोर, बृजपुर, मनकी, धनौजा, गहरा, मनौर सहित 15 ग्राम पंचायतों के 19 लोग शामिल हुए।

डिजिटल डेमोक्रेसी परियोजना की टीम द्वारा कार्य के दौरान 15 ग्राम पंचायतों में रहने वाले आदिवासी परिवारों के जीवन स्तर, खान पान, शिक्षा का अन्य समुदाय के लोगो के साथ तुलनात्मक आंकलन किया गया। जिसमे पाया गया की आदिवासी परिवारों में डिजिटल तकनीक की समझ कम है। नतीजतन वे अपने हक़ और अधिकार को पाने के लिए ज्यादातर दूसरे लोगो पर निर्भर रह्ते है। इसके अलावा जानकारी के अभाव में आदिवासी परिवार आज भी लोकतंत्र में भागीदारी नहीं कर पाते है। क्योकि गरीबी के चलते अपने बच्चो की शिक्षा पूरी नहीं करवा पाते।| आदिवासियों में डिजिटल तकनीक की समझ बढ़ाने के लिए डिजिटल डेमोक्रेसी परियोजना की टीम द्वारा एक समुदाय आधारित साँझा पहल करने का फैसला लिया गया है।

संगठन बनाने का उद्देश्य

ई वालंटियर सुरेश गोंड, रामशरण गोंड, रमेश गोंड, रेवा गोंड, मस्तराम गोंड, आनंद गोंड, दुर्गेश गोंड, रामविशाल गोंड की मदद से डिजिटल तकनीक के माध्यम से लोकतंत्र में भागीदारी बढ़ाने एवं अपने हक़ अधिकार, खासकर वन अधिकार के तहत पट्टे की मांग करने और अधिकार प्राप्त करने, डिजिटल माध्यमो के उपयोग को एक दूसरे से सीखने-सिखाने एक दुसरे से हमेशा जुडाव बनाये रखने के लिए। सोशल मीडिया के उपयोग की समझ बनाने के लिए। आदिवासी संगठन बनाने की नीव रखी गई। जिसकी प्रथम बैठक पृथ्वी ट्रस्ट पन्ना में रखी गई।

इस बैठक में पन्ना जिला के 55 गाँव के लोगो को जोड़ने एवं धीरे धीरे पन्ना विकासखंड की 81 ग्राम पंचायतो में पहुँचने का लक्ष्य रखा गया है। संगठन के उद्देश्यों की पूर्ति करने के लिए प्रत्येक सदस्य द्वारा प्रत्येक माह सहयोग राशि जमा करने पर सहमती हुई। सहयोग राशी कितनी रखी जाएगी यह आगे की बैठकों में तय किया जायेगा। जिससे संगठन के कार्यो के लिए आर्थिक समस्या से आसानी से निपटा जा सकेगा। संगठन को मजबूत बनाने के और संघठन को स्थायित्व प्रदान किये जाने के लिए संघठन की एक कार्यकारिणी बनाने पर चर्चा की गई। जिसमे अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, कोषाध्यक्ष, सचिव, अध्यक्ष सलाहकार एवं कार्यकारिणी की नियुक्ति पर चर्चा की गई।

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बैठक से निकली महत्वपूर्ण बातें

  • बैठक में उपस्थित युवाओ को अपने अपने गाँव में रहने वाले आदिवासी परिवारों को जोड़ने की जिम्मेदारी दी गई।
  • बैठक में विरसा मुंडा, टंट्या भील के जीवन से जुड़े संघर्ष की कहानी के बारे में चर्चा की गई। जिससे युवाओं में संगठन मजबूत करने की भावना का उदय हुआ।
  • बैठक में उपस्थित युवाओं को डिजिटल तकनीक के माध्यमो से जोड़े रखने के लिए स्मार्ट फोन फोटोग्राफी, विडियोग्राफी, सोशल मीडिया के उपयोग, से एक दुसरे से जुड़े रहने की समझ विकसित हुई।
  • अपने हक़ अधिकार को पाने के लिए डिजिटल तकनीक के माध्यम से अधिकार प्राप्त करने एवं लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए हस्तक्षेप बढ़ाने से जुडी जानकारी साँझा की गई।
  • आदिवासी परिवारों में रहने वाले पढ़े लिखे एवं संघर्षशील युवाओ की पहचान हुई।
  • संगठन के सदस्य बनने के लिए एक सदस्यता फॉर्म तैयार हुआ।

आगे की रूपरेखा के लिए इस तरह की बैठको का आयोजन प्रत्येक माह करने की रणनीति तय की गई। पृथ्वी ट्रष्ट द्वारा लगभग 50 गाँव में, युवाओ को संगठन से जुडी जानकारी साँझा करने की बात तय की गई। तय किया गया की इस आदिवासी संगठन की कार्यकारिणी में केवल आदिवासी समाज के लोग ही कार्यकर्ता रहेगे और सर्व सम्मति से तय किया गया कि संगठन किसी भी राजनैतिक पार्टी से कभी प्रभावित नहीं होगा।

ई वालंटियर रामशरण द्वारा कहा गया की अगली बैठक ग्राम पंचायत बृजपुर में रखी जाएगी, जिसमे 25 गाँव के आदिवासी शामिल होंगे। जिसमें इन 15 गाँव के युवाओ के अलावा बृजपुर से लगे हुए, 10 गाँव के लोगो को बैठक में शामिल किया जायेगा जिसमें सुरेश गोंड, रामशरण, रमेश, रेवा, आनंद एवं बृजपुर पंचायत में रहने वाले अन्य युवाओ का सहयोग लिया जायेगा।

बैठक में डिजिटल तकनीक की समझ बढ़ाने के लिए डिजिटल डेमोक्रेसी परियोजना से जुड़े ई-वालंटियर आनंद, रमेश, दुर्गेश, रामशरण, रेवा, पूजा, भारती, लक्ष्मी, संजू, काजल, गोंड, का सहयोग लिया जायेगा।