डिजिटल डेमोक्रेसी

राखी बनाकर चला रही अपनी आजीविका

poonam

झाबुआ जिले के आदिवासी बहुल गांव कुंडली में आय का मुख्य साधन छोटी जोत की खेती और मजदूरी है। इसी से परिवार का गुजर-बसर चलता है। यहां की वितरीत परिस्थितियों के बीच चाहकर भी कुछ अलग कर पाना बेहद मुश्किल है, लेकिन बारहवीं पास 21वर्षीय पूनम ने सारे बंधनों को तोड़ते और अभावों को ठेंगा दिखाते हुए राखी बनाने का कारोबार शुरू किया। इसमें पूनम के पति जगदीश बारिया ने भी साथ दिया। उनके परिवार में चार सदस्य...

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आरती ने ऐसा किया जो मनचले की बोलती हो गई बंद

artiपीसी नगर स्थित बीडीए की मल्टी में रहने वाली आरती परतेती एक अनजान कॉल से बेहद परेशान थी। वह स्मार्ट युवा समूह से जुड़ी हैं। जनवरी 2018 में उसका चयन डिजिटल डेमोक्रेसी कार्यक्रम के तहत ई-वालेंटियर के लिए भी हुआ है। वह ई-दस्तक केंद्र भी लगातार आती है। यहां संस्था की टीम के जरिए उसने डिजिटल माध्यम को अच्छी तरह समझ लिया है। तमाम हेल्पलाइन नंबर्स की जानकारी उसके पास है। ऐसे में आरती ने सबसे पहला हल अपनी...

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मोहनी ने यू-ट्यूब पर ऐसा क्या देखा, जो संजीवनी बन गया

mohiniबचपन में पिता का साया उठने के बाद मोहनी कुशवाहा के पास माँ ही एक सहारा थी। हालांकि, इस घटना के बाद माँ, नानी के यहाँ रहने लगी थी। इस वर्ष जुलाई में उसकी माँ का भी स्वर्गवास हो गया। माँ को टीबी ने घेर लिया था। उन्हें हमीदिया अस्पताल में उन दिनों भर्ती किया गया था, जब डॉकटरों की हड़ताल चल रही थी। इस कारण उन्हें उचित इलाज भी नहीं मिल सका। अब 19 वर्षीय मोहनी पीसी नगर बस्ती में 3000 रुपए प्रतिमाह...

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